किसी के लिए हम बहुत कुछ थे, आज वही हमें अजनबी समझते हैं।
तेरे बिना तो कभी खुद को भी नहीं समझ पाए,
रिश्ते अगर दिल से निभाए जाएं तो अमर हो जाते हैं,
लड़के दर्द दिल में दबाकर जीते रहते हैं।
तू बेवफा था या हम ही फरेब खा गए, तेरे प्यार में दिल भी हारा और जान भी गवां बैठे।
तू मेरा था, तू मेरा है और तू मेरा ही रहेगा, चाहे ये दुनिया मेरे प्यार को बेवकूफी ही क्यों ना कहे।
कभी-कभी हंसते हंसते इतना दर्द छुपा लेते हैं, कि खुद भी भूल जाते हैं कि अंदर कितने टूटे हैं।
अब तुमसे दूर होकर महसूस होता है, कि कुछ भी अधूरा था…!!!
पर अब सोचते हैं, क्या हमने सही किया क्या।
ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਲਗ ਨਾ ਜਾਂਵਾ, ਤਾਂਹੀ ਸਭ ਤੋਂ ਦੂਰ ਹੋ ਗਿਆ।
दिल Sad Shayari की दहलीज़ पर बैठे थे कभी, आज उसी दिल के दरवाज़े से निकाले गए।
तूने मुझे इस तरह छोड़ दिया, जैसे मैं तेरा कभी था ही नहीं।
अब सोचते हैं, क्या तुमने कभी समझा क्या।
कभी-कभी खुद को ही खो देता हूँ, तेरी यादों में डूबकर।